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बुधवार, 21 अक्तूबर 2020

konark (sun) temple history in hindi // konark temple unknown facts in hindi

konark sun temple history को आज हम hindi सुनाएंगे साथ ही konark temple unknown facts के बारेमे सुध हिंदी से जानेंगे। कैसे इस रहस्यमई मंदिर को बनाने में 12 साल लगे थे और कैसे एक 12 साल के बच्चे ने मदत किया था मंदिर बनाने में (konark temple history) और वो बच्चा उस मंदिर केलिए कियूं अपनी जान  गवाया था साथ में क्यों ये रहस्यमई मंदिर को बनायागया था ये सरे जानकारी आपको मिलेगा जो आप सायद ही पहले सुना हो,

 

कोणार्क मंदिर किसने बनाया था 

 

13 century में ओडिशा के नाम उत्कल हुआ करता था उस वक्त उत्कल यानि ओडिशा के राजा लांगुला नरसिंघ देव जो की गंग बांस के श्रेष्ठ राजाओं में से एक थे,राजा ने सूर्य यानि sun को god मानके बहुत ही पूजा बिधि किया करते थे,राजा ने एक दिन सपने में ऐसा एक मंदिर को देखा जो वो भुला नहीं पारहा था  और वो बास्तबमें ऐसा एक मंदिर को निर्माण करने केलिए सोचा,(konark temple history) राजा ने एक बैठक बिठाये जहाँ वो बड़े बड़े कारीगरों को आमंत्रित किया गयाथा उनमेसे ऐसे दो कारीगर थे जिसे राजने बहुत पसंद करते थे एक सदासिव  सामंत रोए और दूसरा उनके सहयोगी बिशु महाराणा उन दो कारीगरों से राजा उनके बिचार को प्रकाश करता है जो राजा ने सपने में दिखा था,konark temple mystery, राजा ने उन दोनों को वही मंदिर निर्माण करने केलिए आदेश दिया और कोणार्क मंदिर के निर्माण कार्य sun-1300 में सुरुकिया 

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konark temple history


konark temple architecture 

 

 कोणार्क मंदिर को नर्माण करने केलिए गिने चुने 1200 कारीगरों की एक team बनायागया था उनमे से दो मुख्या कारीगर थे सदासिव और बिशु महाराणा की हिसाब से मंदिर कार्य सुरु हुआ,1200 कारीगर दिन रात मेहनत करके मंदिर को बनाने में 11 साल 11 महीने लगा दिए फिर भी कोणार्क मंदिर के निर्माण सम्पूर्ण हो नहीं पाया,इस बात को लेके राजा लांगुला नरसिंघा देव ने गुस्सा होजाता है और उन सबको आदेश देता है की अगर 12 साल होने के आखरी रात तक मंदिर के कार्य सपूंर्ण नहीं हुआ तो 1200 कारीगर के सर काट दिया जायेगा ,ये बात सुन के सभी कारीगर डर जाते है,12 साल होने में 1 महीना बाकि होता है पर मंदिर के ऊपर के हिस्सा जाहाँ चुम्बक के एक कलस (konark sun temple) लगाना है वो हो नहीं पाराहा है जिसे कई  दिनों से मंदिर के ऊपर लगाने के कोसिस चल राहा होता है पर हर कोसिसनाकाम होराहा होता है,

 

bishu maharana

 

बिशु महाराणा जो 1200 कारीगरों में से श्रेष्ठ कारीगर है वो जब कोणार्क मंदिर को बनाने केलिए घर से आया तब उसके बीवी पेट में था जिसे बिशु महाराणा पहले से ही धर्मा बोध नाम रखाथा,महाराणा को कोणार्क नगरी में आएहुए 11  साल से भी जयादा होचुका है पर वो घर नहीं जापाराहा था,उस तरफ महाराणा के घर में एक लड़का पैदा होता है और उसे भी 11 साल से जायदा होगया होता है,( konark sun temple facts ) धर्मा यानि बिशु महराना के बीटा ने घर में जिद करता है की वो अपने पापा को देखने कोणार्क नगरी जायेगा पर वो एक 11 साल के बच्चा है जिसे कुछ नहीं पता उसे उसके माँ अकेले छोड़ ना नहीं चाहता पर धर्मा की जिद के आगे उसके माँ हार जाती है और उसे कोणार्क नगरी के पता देतेहुए अपने आंगन के पीपल के कुछ फल देता है सबुत के तर पर ताकि उसके पापा उसे पहचान सके,धर्मा चला कोणार्क के नगरी में कई दिन जानेके बाद धर्मा कोणार्क पहंच जाता है और वहां अपने पापा से मिलता है

 

 अपने बीटा धर्मा को देख के बिशु महराणा खुसी से झूम जाता है वो कुछ पल केलिए सबकुछ भूल जाता है फिर कुछ देर बात बिशु महाराणा के आँखों में असू आजाता है इसे देख के धर्मा पूछ ता है किया हुआ पापा,धर्मा के बात सुन कर महाराणा ने कुछ नहीं बताता पर धर्मा ने जब जिद किया तब पूरी बातें बताता है,उसदिन मंदिर निर्माण कार्य को 12 साल होने में आखरी रात बचा होता है,सारि बातें सुन के धर्मा खुद उस कलस को मंदिर के ऊपर लगाने केलिए कहता है पर किसी को ये बात मंजूर नहीं होता है,धर्मा एक कारीगर के बीटा है जिसके खून में भी कारीगरी का कला होता है वो सबको यकीन दिलाता है की में ये काम कर सकता हूँ,कुछ देर बात सब लोग राजी होजाते है और धर्मा को एक मौका देते है,धर्मा झट से मंदिर के ऊपर चढ़ जाता है और कलस लगाने केलिए माफ़जुग करता है और वो कुछी घंटों में सही तरीके से मंदिर के ऊपर कलस लगा देता है जिसे देख के सब लोग चौंक जाते है और धर्मा को साबासि देते है,konark sun temple facts

 

 धर्मा को अपनी जान क्यों गवाना पड़ा 

 

जब धर्मा मंदिर के कलस को सही से लगा देता है तब सभी लोग खुस होजाते है पर कुछ कारीगरों की मन में ये खयाल आता है की हमसे से नहीं बल्कि कोई एक 11 साल के बच्चे ने इस मंदिर के कार्य को सम्पूर्ण किया है और इस बात राजा को पता चलेगा तो हम को वो मार देगा यही कहते हुए अपने बिच फुसफुसाते है और आखरी में धर्मा और बिशु महराणा को पता चलता है जो बिशु महाराणा ये बातें सुन के संकट में पड़जाते है,ये सारि बात सुनते ही धर्मा अपने पापा को आखरी बार प्रणाम करके झट से मंदिर के ऊपर चढ़ जाता है और उन्ही 1200 कारीगरों की जान बचाने केलिए मंदिर की ऊपर से छलांग लगादेता है नदी के अंदर,( interseting facts about konark in odisha ) धर्मा हमेसा केलिए अपनी आपको मिटा देता है ,इस तरह से धर्मा बोध ने अपने जान गावा के सब की जान बचाया था,और आखरी कार कोणार्क मंदिर का काम पूरी तरहसे बनजाता है 12 साल होने से कुछ घंटा पहले से ,

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konark sun temple location

 

कोणार्क मंदिर यानि sun temple ओडिशा  के पूरी जिल्ले में कोणार्क नगरी में स्थित है जहाँ एक नदी भी बहता है और उस नदी का नाम चंद्रभागा है जहाँ धर्मा ने छलांग लगाया था,कोणार्क मंदिर को जाने केलिए आपको ओडिशा के राजधानी भुबनेश्वर से 66.8 km  है जो आप bus में भी जा सकते हो और train में भी sun temple को जा सकते हो ,कोणार्क मंदिर के सौंदर्य आज भी उतना है जितना पहले था हालाकि मंदिर अब धस गया है फिर भी आप मंदिर के कला और कृति को देखके अंदाज लगसकते हो की मंदिर का महत्व किया होता होगा,


konark temple mystery and facts 


1- कोणार्क मंदिर को 1200 कारीगरों ने बनाये थे,

2- कोणार्क मंदिर को लांगुला नरसिंघा देव की आदेश से बनवागया था,

3-इसी मंदिर को निर्माण करने केलिए 12 साल लगा था,facts ये है की 1200 लोग 12 साल,

4-konark temple heghit 200 फिट 

5- 1300 century में इस मंदिर को बनवागया था,

6- ये दुनियां के एक लौता मंदिर है जिसे colour यानि panting नहीं कियागय है,

7- इसमंदिर की ऊपर से धर्मा ने नदी के अंदर छलांग लगाके जान दिया था जो आज के तारीख में कोई देखेगा तो यकीन नहीं कर पाएगा  क्यों की वो नदी सुख के 2 km दूर जा चूका है,

8- इस मंदिर में कोई भी देवी देवता को पूजा किया नहीं जाता है,

9- ये दुनियां के ऐसा एक मंदिर है जहाँ लोग पूजा करने नहीं आते है सिर्फ मंदिर के कला कुर्ती देखने को आते है,

10- लोगों का मान्ना है की इस महान मंदिर निर्माण करने वाले कारीगरों के साथ अन्या और अत्याचार हुआ था जिसके चलते मंदिर जायदा दिन टिक नहीं पाया और धीरे धीरे टूटना उस्वक़्त से ही सुरु होगया था और आज का दिन में मंदिर पूरी तरह से खराप होचुका है,

11- मंदिर को कई सालो तक बंद कर दियागया जो उसके आसपास जंगल बनगया था जिसे अंग्रेजो ने पुनः उधार किये थे,

12- मंदिर में जो पहिये यानि wheel के कला किया गया है उस फोटो को आप आज के 10 रूपए नोट में आप देख सकते हो,

कोणार्क मंदिर के सबसे बड़े facts ये है की मंदिर के सीर्सक में जो megnet के कलस लगाया गया था वो इतना तेज था की उसकी ऊपर से चिड़िआ और arowplane गुजर नहीं सकता था, पर उस कलस को अंग्रेजो ने लेगये अपने साथ,


कोणार्क मंदिर जो सदिओं पुराण है जिसे आजकी date यानि 2020 में 700 साल से भी जायदा होचुका है,कोणार्क konark temple history जो अबिस्वसनीय है कैसे एक 12 साल के बच्चा ने अपने जान गवा के 1200 लोगों का जान बचाया,कोणर्क मंदिर के चुम्बकीय कलस क्यों कोई नहीं मंदिर के ऊपर लगरहा था ,konark temple unknown facts in hindi के बारे में आपके किया ख्याल है तो sun temple क्यों बनाया गया था ? इन सारे बातें को मेने शब्दों में बयां किया है,उम्मीद करता हूँ की sun temple के बारे में आपको सारे जानकारी मिल गया हो,अपनी दोस्तों से जरूर share करना और कोई सिखयात हो तो निचे बेजिझक coment करना konark temple history in hindi,आपके दिन हमेसा सुभ हो.. thank you

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