-->

gkexpres site ke madat se hum logon ko new upcoming movie,current affairs new technology,historycal facts,indian ,odisha job,festivals,artichteture,internet,gk,earning app review,type ke sare jankari dete hain

रविवार, 26 सितंबर 2021

Balangir ranipuri jharial chausath yogini temple history

ओडिशा राज्य के बहुत ही प्रसिद्ध ranipur jharial जहाँ राजा महाराजा के शासनकाल में बनाई हुई इस महान मंदिर के बारेमे आज हम आपको बिस्तार से बताने वाला है जाहाँ कई सरे राज़ आज भी छुपा हुआ है। 

Ranipur jharial history

ओडिशा के बलांगीर में स्तिथ ranipur jharial temple history जिसे चौसठ योगिनी मंदिर भी कहाजाता है इस कहानी के बारेमे हम रानीपुर गाओं के लोगों से बताया गया जानकारी से मिला है। यह मंदिर के बारेमे कोई इतिहास में भी लिखा नहीं गया है पर कुछ पुख्ता सबूत को देखते हुए यह मंदिर के सारि बातें सच्ची लगती है जो आपको जानलेना चाहिए। 

odisha-ranipur-jharial-history

chausath yogini temple

बतादूँ की बलांगीर रानीपुर झारिअल को chausath yogini temple केलिए जानाजाता है जिसे आज से 1100 साल पहले यानि 9th century में यह सरे मंदिर को बनाया गया था और आज भी वो 64 मंदिर देखने को मिलता है। सूत्रों की अनुसार रानीपुर और झारिअल इन दो गाओं को मिलित से रानीपुर झारिअल हुआहै जहाँ राजा sambeswar के पत्नी padmabati रहती थी। 

 

आज भी रानीपुर गाओं में पदमावती रानी के बांग्ला के नक्सा देखने को मिलता है। रानी नहाने केलिए झारिअल गाओं के एक बिशाल सागर में जाते थे जिसे सोम सागर कहाजाता है और उस सोम सागर के भी एक खास बात है कियूं की उस सागर के गेहेराई कोई नाप नहीं पाया है। अगर आपको कभी जाना है तो सोम सागर जरूर देखलेना जो बहुत ही रहश्यमई सागर है और ranipur jharial waterfall भी है जो सुंदरता से भरिहुई है। 

 

-odisha-chausath-yogini-temple-balangir

रानीपुर में Baghya pathar नामक के एक पत्थर के जाल है जहाँ लोगों का कहना है की उस जाल में बिना फसे इंसान अगर आरपार होजाता है तो वो एक अच्छे इंसान मानाजाता है। यह बात कितनी दूरतक सचाई है यह तो नहीं पता पर वो पथरजाल के इमेज निचे आप देख सकते हो साथ ही ranipur jharial wikipedia से भी जानकारी ले सकते हो। 

 

ranipur jharial siv mandir

 

रानीपुर झारिअल में सबसे पुरातन siv mandir है जहाँ हर रोज हजारों भक्तों के भीड़ लगरहाता है और शिवरात्रि के बात करें तो लाखों में भीड़ लगता है यहाँ साथ ही मेला भी लगता है जिसे देखने केलिए दूर दूर से लोग आते है। बतादूँ की यहाँ एक सिव मंदिर नहीं है बल्कि बहुत सरे सिव मंदिर है जहाँ चाहो आप पूजार्चना कर सकते हो भक्ति से आपके हिसाब से। 


सबसे बड़े राज - इनसारे मंदिर है उसकी निचे एक बहुत बड़े सुरंग है जो पुरे 400 किलोमीटर के लम्बाई है जो श्री खेत्र यानि पूरी के बेलाभूमि तक जाता है। लोगों की अनुसार वहांके राजा महाराजाओं ने युद्ध केलिए ऐसा सुरंग बनवाये थे। यह सुरंग अभी भी है पर इसके गुप्त रास्ते को छुपादिया गया है और बाहरी हिस्सों से उसका निसान भी मिटा दया गया है ताकि कोईभी उसका गलत फायदे उठा नसके। 

ranipur jharial distance

ओडिशा के बहार से आना चाहते हो तो सबसे पहले भुबनेश्वर से ranipur jharia distance 300 किलोमीटर दुरी में बलांगीर जिल्ले को ट्रैन या Bus में आसकते हो। बलांगीर से सिर्फ 92 किलोमीटर दुरी में रानीपुर है जो भुतीअरबाहाल की ओरसे सीधा रास्ता है। वहां जानेकेलिए बलांगीर से आपको कोई taxi लेना पड़ेगा कियुँकि कोई खास Bus सुभिधाएँ नहीं है।

ranipur jharial video

अगर आपको रानीपुर झारिअल के full video चाहिए तो हमारे YouTube चैनल में देख सकते हो जिसका पूरा वीडियो निचे देख सकते हो जहाँ सरे के सरे मंदिर के दृश्य देख पाओगे। 


उम्मीद करताहूँ की इस महान मंदिर के बारेमे आपको अच्छेसे पता चलगया होगा सो इसी आर्टिकल को दोस्तों में जरूर share करें। अगर आपको ऐसेही जानकारी चाहिए तो जुड़े रहिये और ranipur jharial history के बारेमे किया कहना है कमेंट जरूर करें।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

how can i helf you